"यादों की गुल्लक" काव्य संग्रह -ll में मैंने, कुछ शब्द... कुछ चुप्पियाँ... कुछ सपनें... और ढेर सारी अनुभूतियाँ... संजोने की कोशिश की है, जो उम्मीद है, सभी को भाएगी मानव मस्तिष्क एक पिटारा ही तो है, जिसमें जन्म से ले कर अब तक की सारी यादें भरी रहती हैं अलग अलग पल, अलग अलग समय में, जब ये यादें मन में उफान मारती हैं, तो कभी-कभी ये कविता का रूप ले लेतीं हैं इन यादों की मोतियों को पिरो कर आपके सामने पेश करने की मेरी यह कोशिश, उम्मीद है आप सभी को पसन्द आएगी
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