"स्वाभिमान के स्वर" ऐसा एक काव्य-संग्रह है, जिसमें देशभक्ति का उत्साह, नारी सशक्तिकरण का गौरव और युवाओं की प्रेरणा का प्रकाश एक साथ झलकता है। इन कविताओं में राष्ट्र के प्रति प्रेम और गर्व की भावना है, समाज में समानता और जागरूकता का संदेश है, तथा एक नए भारत के निर्माण का सपना भी। हर पंक्ति में आत्मगौरव की आवाज़ है - वह स्वर जो हमें अपने कर्तव्यों, अपने मूल्य और अपने अस्तित्व का बोध कराता है। यह संग्रह केवल कविताओं का नहीं, बल्कि विचारों और संकल्पों का संगम है।
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