Vergelijk aanbieders (1)
Winkels met andere maten
मार्कन्डेय आजादी बाद हिन्दी कहानी में चर्चित नाम हैं। वे हिन्दी-उर्दू पट्टी में पूर्वाचल और अवध की सांस्कृतिक विशिष्टता के अप्रतिम रचनाकार हैं। उनकी कहानियों में लोकजीवन अपनी पूरी जीवन्तता में धड़कता है। प्रेमचन्द के बाद हिन्दी कहानी को फिर से गाँव की तरफ मोड़ने का श्रेय मार्कण्डेय को दिया जाता है। इसमें सामाजिक समस्याओं और ग्रामीण यथार्थ का वर्णन मोहक भाषा में प्रस्तुत हुआ है। भाषा में उत्तर प्रदेश के गाँवों की बोलियों की अधिकता होती है, जिससे कहानी में यथार्थ पृष्ठभूमि का निरुपण होता है। प्रेमचन्द ने जहाँ कहानी को छोड़ा, मार्कण्डेय ने कहानी को वहीं से आगे बढ़ाया और आजादी के बाद के हिन्दी इलाकों के ग्रामीण जीवन का सबसे संजीदा और विश्वसनीय शब्दचित्र प्रस्तुत किया।
Productspecificaties
| EAN |
|
|---|---|
| Maat |
|
Prijshistorie
Prijzen voor het laatst bijgewerkt op: