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यह संग्रह भावनाओं, अनुभवों और आत्म-अन्वेषण की कविताओं का एक सजीव दस्तावेज़ है। आकांक्षा प्रिया की कविताएँ जीवन के उन लम्हों को छूती हैं जहाँ मौन बोलते हैं और साधारण बातें गहराइयाँ ले लेती हैं। प्रेम, खोई हुई इच्छाएँ, आत्मसंघर्ष और उम्मीद - इस पुस्तक में हर कविता एक अंतर्मुखी यात्रा है, जो पाठक को सोचने, ठहरने और खुद से मिलने का अवसर देती है। यह पुस्तक एक यात्रा है - भीतर से बाहर की और फिर वापस भीतर की। यह उन सभी के लिए है जो ठहर कर अपने भीतर झांकना चाहते हैं, जो भावनाओं को सिर्फ पढ़ना नहीं, महसूस करना जानते हैं।
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यह संग्रह भावनाओं, अनुभवों और आत्म-अन्वेषण की कविताओं का एक सजीव दस्तावेज़ है। आकांक्षा प्रिया की कविताएँ जीवन के उन लम्हों को छूती हैं जहाँ मौन बोलते हैं और साधारण बातें गहराइयाँ ले लेती हैं। प्रेम, खोई हुई इच्छाएँ, आत्मसंघर्ष और उम्मीद - इस पुस्तक में हर कविता एक अंतर्मुखी यात्रा है, जो पाठक को सोचने, ठहरने और खुद से मिलने का अवसर देती है। यह पुस्तक एक यात्रा है - भीतर से बाहर की और फिर वापस भीतर की। यह उन सभी के लिए है जो ठहर कर अपने भीतर झांकना चाहते हैं, जो भावनाओं को सिर्फ पढ़ना नहीं, महसूस करना जानते हैं।
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यह संग्रह भावनाओं, अनुभवों और आत्म-अन्वेषण की कविताओं का एक सजीव दस्तावेज़ है। आकांक्षा प्रिया की कविताएँ जीवन के उन लम्हों को छूती हैं जहाँ मौन बोलते हैं और साधारण बातें गहराइयाँ ले लेती हैं। प्रेम, खोई हुई इच्छाएँ, आत्मसंघर्ष और उम्मीद - इस पुस्तक में हर कविता एक अंतर्मुखी यात्रा है, जो पाठक को सोचने, ठहरने और खुद से मिलने का अवसर देती है। यह पुस्तक एक यात्रा है - भीतर से बाहर की और फिर वापस भीतर की। यह उन सभी के लिए है जो ठहर कर अपने भीतर झांकना चाहते हैं, जो भावनाओं को सिर्फ पढ़ना नहीं, महसूस करना जानते हैं।
AmazonPages: 54, Paperback, Bookleaf Publishing
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