"मेरे प्यारे दोस्तों, मुझे बहुत खुशी हो रही है आपको यह बताते हुए कि ईश्वर की मदद और उनके उत्साह से मैं अपनी अगली किताब लिखने में कामयाब हो गया हूं। ""कर्म/KARMA"" जो कर्म के ऊपर है, कि कर्म क्या है, कर्म कब बना, कैसे बना और कब शुरू हुआ। हम अपने कर्मों को करते हुए किस प्रकार ईश्वर के साक्षात दर्शन कर सकते हैं। कर्म हम सब की तरह सभी देवी देवताओं के ऊपर भी लागू होते हैं। कुछ देवी देवताओं के कर्मों के उदाहरण भी दिए गए हैं, जिससे हम अच्छी प्रकार से कर्मों को समझ सके। इस किताब में यह सब बहुत ही सरल तरीके से समझाने की कोशिश की गई है मुझे आशा है यह किताब आपको बहुत पसंद आएगी इसको पढ़ने के बाद आपका जीवन ही बदल जाएगा। आपका शुभचिंतक लेखक नरेश गुप्ता "
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