Kabhi Nahin Socha Tha

Prijzen vanaf
2,53

Uitgelicht

VERGELIJK ALLE AANBIEDERS (2)

Beschrijving

Bol सुरजीत पातर की कविताएँ हमें एक पूरी क़ौम के जलते हुए जंगल में घिरे होने का अहसास कराती हैं। रात, अँधेरा, सन्नाटा, ख़ौफ़, चीख़, आग जैसे शब्दों की बारंबारता से वह पूरा माहौल मुखर हो उठता है। आग कभी आदमी को जलाती है और कभी आदमी के सीने में ही जल उठती है। बँटवारे का दर्द आधुनिक पंजाब की दुखती रग है। पाँच नदियों में से ढाई हिन्दुस्तानी पंजाब के हाथ आईं। और फिर पिछले पन्द्रह वर्षों से जारी घनीभूत तनाव। यह तनाव गुरु नानक और गुरु गोविन्द सिंह के व्यक्तित्वों में टकराव से पैदा होकर पंजाब के मानसिक संसार को विभाजित करता हुआ शब्द और अर्थ तक के बीच फैल जाता है। सच्चाई का बयान करने में कभी कविता साथ देती है लेकिन कभी उसके दबाव से बिखर उठती है। जब कवि को कविता की व्यर्थता का अहसास होता है तभी हमारे सामने भाषा के पार एक जीती-जागती दुनिया खड़ी हो जाती है। इन कविताओं में सूफ़ी परम्परा से लेकर आधुनिक काव्यान्दोलनों तक का विशाल फलक रूप और टेकनीक के स्तर पर मौज़ूद है। रूप की यह विविधता एक विशाल सच्चाई को हर बार नए तरीके से कहने और फिर भी कुछ बचा रह जाने की बेचैनी से पैदा हुई है।

Vergelijk aanbieders (2)

Shop
Prijs
Verzendkosten
Totale prijs
2,53
Gratis
2,53
Naar shop
Gratis Shipping Costs
15,00
5,35
20,35
Naar shop
5,35 Shipping Costs
Beschrijving (1)

सुरजीत पातर की कविताएँ हमें एक पूरी क़ौम के जलते हुए जंगल में घिरे होने का अहसास कराती हैं। रात, अँधेरा, सन्नाटा, ख़ौफ़, चीख़, आग जैसे शब्दों की बारंबारता से वह पूरा माहौल मुखर हो उठता है। आग कभी आदमी को जलाती है और कभी आदमी के सीने में ही जल उठती है। बँटवारे का दर्द आधुनिक पंजाब की दुखती रग है। पाँच नदियों में से ढाई हिन्दुस्तानी पंजाब के हाथ आईं। और फिर पिछले पन्द्रह वर्षों से जारी घनीभूत तनाव। यह तनाव गुरु नानक और गुरु गोविन्द सिंह के व्यक्तित्वों में टकराव से पैदा होकर पंजाब के मानसिक संसार को विभाजित करता हुआ शब्द और अर्थ तक के बीच फैल जाता है। सच्चाई का बयान करने में कभी कविता साथ देती है लेकिन कभी उसके दबाव से बिखर उठती है। जब कवि को कविता की व्यर्थता का अहसास होता है तभी हमारे सामने भाषा के पार एक जीती-जागती दुनिया खड़ी हो जाती है। इन कविताओं में सूफ़ी परम्परा से लेकर आधुनिक काव्यान्दोलनों तक का विशाल फलक रूप और टेकनीक के स्तर पर मौज़ूद है। रूप की यह विविधता एक विशाल सच्चाई को हर बार नए तरीके से कहने और फिर भी कुछ बचा रह जाने की बेचैनी से पैदा हुई है।


Productspecificaties

EAN
  • 9789360860455
Maat


Prijshistorie

* Prijshistorie bevat geen data van Amazon.

Prijzen voor het laatst bijgewerkt op:

Uitgelichte Keuze
2,53
Naar shop